बैंगन (Brinjal)

भूमि: इसकी खेती अच्छे जल निकास युक्त सभी प्रकार की भूमि में की जा सकती है। बैंगन की अच्छी उपज के के लिए, बलुई दोमट से लेकर भारी मिट्टी जिसमें कार्बिनक पदार्थ की पर्याप्त मात्रा हो, उपयुक्त होती है। भूमि का पी.एच मान 5.5-6.0 की बीच होना चाहिए तथा इसमें सिंचाई का उचित प्रबंध होना […]
खरबूज (Melon)

भूमि: खरबूजे की खेती के लिए हल्की रेतीली बलुई दोमट मिट्टी को उपयुक्त माना जाता है। इसकी खेती के लिए भूमि उचित जल निकास वाली होनी चाहिए, क्योकि जलभराव की स्थिति में इसके पौधों पर अधिक रोग देखने को मिल जाते है। इसकी खेती में भूमि का पी.एच मान 6 से 7 के मध्य होना […]
तरबूज (Watermelon)

भूमि: तरबूजे की खेती के लिए अधिक तापमान वाली जलवायु सबसे अच्छी मानी जाती है। अधिक तापमान से फलों की वृद्धि अधिक होती है। अब बात करें इसकी खेती के लिए मिट्टी की तो रेतीली और रेतीली दोमट भूमि इसके लिए सबसे अच्छी रहती है। वहीं मिट्टी का पी. एच. मान 5.5-7.0 के बीच होना […]
हरियाणा प्रगतिशील किसान सम्मान योजना

उद्देश्य: माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई 2022 तक ‘‘किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में योगदान के लिए कृषि तथा संबधित क्षेत्रों में बढती आय से सर्वश्रेष्ठ कृषि प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रगतिशील किसानों को प्रेरित करना है। प्रगतिशील किसानों की पहचान तथा उन्हें सम्मानित करने से स्थायी कृषि लक्ष्यों को प्राप्त […]
राजमा(Kidney Beans)

भूमि: राजमा की खेती सभी प्रकार की मिटटी में की जा सकती है लेकिन बलुए मिटटी या बलुए दोमट मिटटी इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है । इस फसल के लिए मिटटी का पी एच मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए| तापमान: राजमा की अच्छी पैदावार के लिए 10 से 27 […]
मैथी(Fenugreek)

भूमि: मेथी की खेती सभी तरह की मिट्टियों में की जा सकती है, लेकिन दोमट और बालू वाली मिट्टी इसके लिए ज्यादा उपयुक्त होती है| इसमें कार्बनिक पदार्थ पाया जाता है | इसकी पैदावार वहां ज्यादा होती है जहां पीएच मान 6-7 के बीच होता है तथा जहां पानी के निकास के बेहतर इंतजाम होते हैं| […]
मूंगफली(Ground Nut)

भूमि:मूंगफली की खेती विभिन्न प्रकार की मृदाओं में की जा सकती है फिर भी इसकी अच्छी तैयारी हेतु जल निकास वाली कैल्शियम एवं जैव पदार्थो से युक्त बलुई दोमट मृदा उत्तम होती है। मृदा का पीएच मान 6.0 से 8.0 उपयुक्त रहता है। मई के महीने में खेत की एक जुताई मिट्टी पलटनें वाले हल […]
मिर्ची (Chili)

भूमि: हरी मिर्च की खेती लगभग हर तरह की मिट्टी में की जा सकती है। अच्छी पैदावार के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिस में नमी हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है। मिर्च की अच्छी पैदावार के लिए ज़मीन की पीएच छह-सात के औसत में अनुकूल होती है। […]
भिण्डी (Ladyfinger)

भूमि: भिंडी की खेती किसान सभी प्रकार की मिट्टी में कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी काफी अच्छी मानी जाती है | क्योंकि इस मिट्टी में जल निकास काफी अच्छी तरह हो जाता है | इसके अलावा इसकी खेती के लिए भूमि में कार्बनिक तत्व का होना बेहद ज़रूरी है | इसके […]
करेला (Bitter Gourd)

भूमि: करेले की खेती के लिए किसी खास तरह की मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती है, इसे किसी भी उपजाऊ मिट्टी में आसानी से उगाया जा सकता है, लेकिन बलुई दोमट मिट्टी को इसकी खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है | इसके अलावा भूमि उचित जल निकासी वाली होनी चाहिए | इसकी खेती में […]