मिर्ची (Chili)

भूमि: हरी मिर्च की खेती लगभग हर तरह की मिट्टी में की जा सकती है। अच्छी पैदावार के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिस में नमी हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है। मिर्च की अच्छी पैदावार के लिए ज़मीन की पीएच छह-सात के औसत में अनुकूल होती है। […]
भिण्डी (Ladyfinger)

भूमि: भिंडी की खेती किसान सभी प्रकार की मिट्टी में कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए हल्की दोमट मिट्टी काफी अच्छी मानी जाती है | क्योंकि इस मिट्टी में जल निकास काफी अच्छी तरह हो जाता है | इसके अलावा इसकी खेती के लिए भूमि में कार्बनिक तत्व का होना बेहद ज़रूरी है | इसके […]
करेला (Bitter Gourd)

भूमि: करेले की खेती के लिए किसी खास तरह की मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती है, इसे किसी भी उपजाऊ मिट्टी में आसानी से उगाया जा सकता है, लेकिन बलुई दोमट मिट्टी को इसकी खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है | इसके अलावा भूमि उचित जल निकासी वाली होनी चाहिए | इसकी खेती में […]
धनिया(Coriander)

भूमि: धनिया की सिंचित फसल के लिये अच्छा जल निकास वाली अच्छी दोमट भूमि सबसे अधिक उपयुक्त होती है और असिंचित फसल के लिये काली भारी भूमि अच्छी होती है। धनिया क्षारीय एवं लवणीय भूमि को सहन नही करता है। अच्छे जल निकास एवं उर्वरा शक्ति वाली दोमट या मटियार दोमट भूमि उपयुक्त होती है। […]
पालक(Spinach)

भूमि: पालक औसत मिट्टी में अच्छी तरह से उग सकता है, लेकिन जैविक पदार्थों से भरपूर मिट्टी में यह ज्यादा अच्छे से विकसित होगा। आमतौर पर, पालक उगाते समय मिट्टी का प्रकार और पीएच शायद ही कभी प्रतिबंधी कारक बनते हैं। पालक को मिट्टी की कई किस्मों जो अच्छे जल निकास वाली होती हैं, में […]
टिंडा (Apple Gourd)

भूमि: इसकी खेती कई प्रकार की भूमि में कर सकते हैं, लेकिन बलुई दोमट या दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है | फसल की अधिक उपज और गुणवत्ता के लिए भूमि का पी.एच.मान 6.0-7.0 के बीच होना चाहिए | टिंडे की खेती नदी तटों की मिट्टी में भी की जा सकती है | अच्छी जलधारण […]
लौकी (Bottle Gourd)

भूमि: देश में लौकी की खेती को किसी भी क्षेत्र में सफलतापूर्वक की जा सकती है। इसकी खेती उचित जल निकासी वाली जगह पर किसी भी तरह की भूमि में की जा सकती है। किन्तु उचित जल धारण क्षमता वाली जीवाश्म युक्त हल्की दोमट भूमि इसकी सफल खेती के लिए सर्वोत्तम मानी गयी है। लौकी […]
पत्तागोभी (Cabbage)

भूमि: गोभी की खेती के लिये सभी प्रकार की अच्छे जल निकास वाली भूमि उपयुक्त होती है, परंतु हल्की एवं दोमट मिट्टी जिसका जल निकास अच्छा हो तथा पी. एच. 5.5 से 6.8 हो अधिक उपयुक्त होती है | अम्लीय भूमि में गोभी की खेती अच्छी नही होती हैं | तापमान: इसके अच्छे उत्पादन के […]
फूलगोभी(Cauliflower)

भूमि: फूलगोभी की खेती दोमट मिट्टी पर अच्छे से की जाती है | हालांकि उच्च नमी धारण क्षमता वाली मिट्टी को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि पानी की कमी से पौधे के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है | बरसात के मौसम में, तेजी से सूखने वाली मिट्टी को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि कटाई […]
मटर (Pea)

भूमि: मटर की खेती विभिन्न प्रकार की मृदाओं में की जा सकती है, फिर भी गंगा के मैदानी भागों की गहरी दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी रहती है। इसकी खेती के लिए मटियार दोमट और दोमट भूमि सबसे उपयुक्त होती है। जिसका पीएच मान 6-7.5 होना चाहिए। इसकी खेती के लिए अम्लीय भूमि सब्जी […]