आलू (Potato)

भूमि: आलू की खेती में कार्बनिक तत्वों से भरपूर उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है | इसकी खेती के लिए उचित जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है | सामान्य P.H. मान वाली भूमि में इसकी खेती आसानी से की जा सकती है | समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय जलवायु आलू की फसल के […]

प्याज (Onion)

भूमि: प्याज की खेती विभिन्न प्रकार की मृदाओं में की जा सकती है,प्याज की खेती के लिए उचित जलनिकास एवं जीवांषयुक्त उपजाऊ दोमट तथा वलूई दोमट भूमिजिसका पी.एच. मान 6.5-7.5 के मध्य हो सर्वोत्तम होती है, प्याज को अधिक क्षारीय या दलदली मृदाओं में नही उगाना चाहिए। तापमान: इसके अच्छे उत्पादन के लिए 15 से […]

चावल(Rice)

भूमि: धान की खेती के लिए अधिक जलधारण क्षमता वाली मिटटी जैसे- चिकनी, मटियार या मटियार-दोमट मिटटी प्रायः उपयुक्त होती हैं| धान की खेती के लिए चिकनी काली मिट्टी सबसे उपयुक्त होती हैं. क्योंकि चिकनी मिट्टी में जल धारण की क्षमता अधिक होती हैं. इस तरह की मिट्टी में एक बार पानी देने के बाद […]

गाजर (Carrot)

भूमि: गाजर की जड़ों के अच्छे विकास के लिए गहरी, नर्म और चिकनी मिट्टी की जरूरत होती है। बहुत ज्यादा भारी और ज्यादा नर्म मिट्टी गाजरों की फसल के लिए अच्छी नहीं मानी जाती । अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की पी एच 5.5 से 7 होनी चाहिए। (अच्छी पैदावार के लिए 6.5 पी एच […]

White Flies (सफ़ेद मक्खी)

आजकल कपास, ग्वार इत्यादी में सफ़ेद मक्खी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है | तो आइये जानते है इसके  लक्षण, जीवन चक्र, नुकसान और उसकी रोकथाम के बारे में:-

ज्वार (Sorghum)

भूमि: ज्वार विश्व की एक मोटे अनाज वाली महत्वपूर्ण फसल है| ज्वार की फसल को किसी भी प्रकार की भूमि में उगाया जा सकता है | किन्तु अधिक मात्रा में उत्पादन प्राप्त करने के लिए खेती उचित जल निकासी वाली चिकनी मिट्टी में करे | इसकी खेती में भूमि का P.H. मान 5 से 7 […]

Locust (टिड्डी)

आजकल कपास, ग्वार इत्यादी में टिड्डी आने का खतरा बना रहता है | तो आइये जानते है इसके  लक्षण, जीवन चक्र, नुकसान और उसकी रोकथाम के बारे में:-

तोरिया/लाही (Toriya)

भूमि: तोरिया लगभग सभी प्रकार की कृषि योग्य भूमि में पैदा हो सकती है | लाही की खेती के लिए उचित जल निकासी वाली हल्की रेतीली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसके अलावा इसे और भी कई तरह की भूमि में उगा सकते हैं | तापमान: सरसों की बिजाई के लिए मुख्यतया 25-35 डिग्री […]

लहसून (Garlic)

भूमि: लहसुन की खेती सभी प्रकार के जीवांशयुक्त भूमि में की जा सकती है लेकिन अधिक ऊपज  के लिये जीवांशयुक्त दोमट या फिर चिकनी मिट्टी का प्रयोग किया जाता है, ये दोनों मिट्टियां सर्वश्रेष्ठ होती हैं। धयान रहे दोनों ही मिट्टियों में जैविक पदार्थों की मात्रा अधिक होनी चाहिए, यह लहसुन की खेती के लिए […]

मक्का (Maize/Corn)

भूमि: मक्के के लिए सभी प्रक्रार की भूमि उपयुक्त होती है | बलुई, दोमट मिट्टी मक्का की खेती के लिये बेहतर समझी जाती है | तापमान: मक्के की बिजाई के लिए मुख्यतया 25-35 डिग्री C तापमान होना चाहिए | उचित समय: खरीफ :– जून से जुलाई तक। रबी :– अक्टूबर से नवम्बर तक। जायद :– […]